10 lakh bank officers and employees to go on strike on 30-31st May
Moneylife Digital Team 28 May 2018
About 10 lakh officers and employees from government and private banks will go on a 48-hour strike starting on 30 May 2018, following failure of talks between the bank unions and government.
 
The strike proposed by United Forum of Bank Unions (UFBU), an umbrella body of nine union in the banking sector representing staff and officers would beginning at 6am on 30th May and will go on till 6am on 1 June 2018, demanding early revision of wages. The wage revision has been due since 1 November 2017. Previous talks on wage revision between UFBU and IBA held in Mumbai on 5 May 2018 had failed.
 
During the meeting on Monday, UFBU leaders conveyed their grievance that there is inordinate delay, an offer of 2% was not in good taste and the practice of wage negotiation for officers up to Scale VII, which has been the practice has to continue. The Chief Labour Commissioner (CLC) supported the issues and asked IBA to respond positively. The IBA representative said that they will consider revised offer but requested the UFBU to quantify the demand.
 
"UFBU stated that our Charter of Demands is clear. On Officers wage revision, IBA said six banks have given restricted mandate. IBA also talked about losses of the Banks. Quoting figures, UFBU leaders, however proved how operating profit of banks have doubled, staff expenses have reduced, and business have more than doubled. The CLC opined that bank officers and employees have to be paid for hard work and not based on profit. IBA, however, was not ready to come out with a new offer but assured to continue the negotiations. On officers’ scale, IBA was willing to discuss with banks but could not give any assurance.  As there was no concrete proposal, UFBU which met immediately after announced that the strike will continue," says DT Franco, General Secretary of All India Bank Officers' Confederation (AIBOC) in a statement.
Comments
sameer saxena
6 years ago
आज हम सभी से पहले तो आज की घटना का विस्तृत वर्णन करना चाहेंगे। आज सुबह 10 बजे वी बैंकर्स की टीम सारांश भाई की अगुवाई में श्रम मंत्रालय पहुची वहां जाकर उन्होंने बैंकर्स के विभिन्न मुद्दों पर अपना पक्ष रखा जिसे मुख्य श्रम आयुक्त ने स्वीकार किया और इस बारे में संबंदित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
इसके बाद वी बैंकर्स टीम iba और ufbu यूनियंस के मध्य जहा वार्ता चल रही थी वहां पहुची और सभी से बातचीत की जिनमे मुख्य वार्ता सी. वेंकटचलम जी से की । वी बैंकर्स का वार्ता का मुख्य उद्देश्य आज ufbu द्वारा प्रस्तावित 2 दिन की हड़ताल 30 व 31 को दो दिन से बढ़ाकर अनिश्चितकालीन बनाना था।
पर जैसा कि आप सभी जानते ही हो हमारे नेताजी ने आज तक हमेशा से ही बैंकर्स को उल्लू बनाया है जिनके समझौते के लिए आज तक इन नेताओं ने कुछ नही किया। और इन रिटायर्ड नेताओ को आखिर किसने अधिकार दिया हैं हम सभी बैंकर्स के लिए फैसला लेने का।
अब इन सब वार्ताओं के बाद वी बैंकर्स ने फैसला लिया कि जब ये नेताजी हमारे बारे में सोचते ही नही तो फिर बैंकर्स को भी इन्हें bycott कर देना चाहिए। साथियो ये हमारी जंग जब तक सीपीसी नही मिलेगा तब तक जारी रहेगी । और अब इस 2 दिन की iba और यूनियन्स की मिलीभगत से की गई इस हड़ताल का हम पुरजोर तरीके से विरोध करते हुए आप सभी से आह्वान करते हैं कि कल सभी बैंको की सभी शाखाएँ खोले और सभी बैंक जाए ताकि इनको अपने गलत कदम का अहसास होे।कि इन्हें जिस काम के लिए पद दिया गया है उसकी गरिमा भविष्य में ये सब समझें। बहुत से साथियों के अभी अभी strike में नही जाने के लेटर मिले ,जिन्होंने धारा के विपरीत चलने का साहस उठाया है । आप भी उठाए और गलत कदम के खिलाफ आवाज उठाइये
बैंकर्स uniity जिंदाबाद

विष्णु शर्मा
जनरल सेक्रेटरी
राजस्थान वी बैंकर्स एसोसिएशन
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